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मंदिर एवं पंडित जी का परिचय

माँ बगलामुखी माता मंदिर, नलखेड़ा का इतिहास और हवन सेवाएँ

महत्वपूर्ण सूचना:

यह माँ बगलामुखी मंदिर में पूजन एवं अनुष्ठान संपन्न कराने वाले एक व्यक्तिगत पंडित जी की सेवा वेबसाइट है। यह मंदिर प्रबंधन समिति की आधिकारिक वेबसाइट नहीं है।

माँ बगलामुखी मंदिर, नलखेड़ा का परिचय

मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले में, लखुन्दर नदी के तट पर स्थित माँ बगलामुखी माता मंदिर देश के सबसे प्रमुख और जाग्रत शक्तिपीठों में से एक है। यह मंदिर विशेष रूप से तांत्रिक अनुष्ठानों और माता के पीताम्बरा स्वरूप की उपासना के लिए जाना जाता है। देश भर से श्रद्धालु यहाँ दर्शन और अनुष्ठान के लिए आते हैं।

धार्मिक मान्यताएँ एवं इतिहास

मंदिर से जुड़ी प्राचीन मान्यताओं के अनुसार, इसकी स्थापना महाभारत काल में हुई थी। माना जाता है कि भगवान श्रीकृष्ण के मार्गदर्शन में धर्मराज युधिष्ठिर ने कौरवों पर विजय प्राप्त करने के उद्देश्य से यहाँ माँ बगलामुखी की आराधना की थी।

माँ बगलामुखी को 'स्तम्भन' की देवी माना जाता है, जो भक्तों की बाधाओं, शत्रुओं और नकारात्मक शक्तियों को शांत कर देती हैं। मंदिर में पीली वस्तुओं—पीले वस्त्र, पीली हल्दी, पीले फूल—का विशेष महत्व है, क्योंकि माता को पीला रंग अत्यंत प्रिय है।

पंडित जी का व्यक्तिगत परिचय

आचार्य पंडित लखन गुरु

आचार्य पंडित लखन गुरु

गुरुजी

आचार्य पंडित लखन गुरु से नलखेड़ा स्थित माँ बगलामुखी मंदिर में हवन, पूजन एवं अनुष्ठान संबंधी सेवाओं की जानकारी प्राप्त करने के लिए संपर्क करें। पूजा की प्रक्रिया, आवश्यक तैयारी और उपलब्ध समय के बारे में जानने के लिए कृपया कम-से-कम एक दिन पहले संपर्क करें।

संपर्क समय: सुबह 9:00 बजे से रात 11:00 बजे तक।

हवन एवं अनुष्ठान सेवाएँ

यदि आप मंदिर में माँ बगलामुखी की विशेष पूजा या अनुष्ठान करवाना चाहते हैं, तो पंडित जी आपकी धार्मिक आवश्यकताओं के अनुरूप उचित मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।

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